ज़िन्दगी के अनुभव (10/07/2026)

अक्तूबर ७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५३

                                ज़िन्दगी के अनुभव 

हर वो भक्त जो गुरुजी की शरण में है
उसकी ज़िंदगी का कोई अनुभव गुरुजी की मर्ज़ी के बिन हो सकता नहीं
अनुभव सुखद हो या नहीं
उस समय उसके लिए वही है सही।

क्यूँकि गुरुजी सर्वज्ञानी हैं
वे अंतर्यामी हैं
वे ही जानें हमारा अतीत
और हमारा वर्तमान कैसे रहा है बीत
किए हैं हमने कौनसे करम
निभा रहे हैं या नहीं हम अपना धर्म
यानी कि अपना फ़र्ज़
और किसका है हम पर क़र्ज़…

हर अनुभव कुछ दिखाता है
हर अनुभव कुछ सिखाता है
सभी अनुभव इम्तहान हैं होते
कुछ में हम अपने पाप हैं धोते
कुछ में हो कर्मों का क़र्ज़ अदा
हमारी हर प्रतिक्रिया पर भी गुरुजी की नज़र होती है सदा।

गुरुजी ऐसी सुमत बख़्शते रहें
कि हमारे विचार शुद्धि की ओर बहें
जिस भी कारणवश हो रहा है अनुभव प्रत्येक
गुरुजी जानते हैं कारण एक है या हैं अनेक
उन्ही की कृपा से हर अनुभव द्वारा भी हम कर सकते हैं उन्हें प्रसन्न
वे मेहर करें कि हर अनुभव के दौरान उनसे जुड़ा रहे हमारा मन।

लेकर गुरुजी की याद और उनके जप का सहारा
जी लें हर अनुभव को उनका नाम अमृत पीकर
गलतियाँ करने से हम बचे रहें और की हुई गलतियों से सीखें
ताकि उन्ही गलतियों को ना दोहरायें
हर अनुभव को गुरुजी का शुक्राना करते हुए जियें
और गुरुजी के करीब होते जायें।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ज़िन्दगी के अनुभव (10/07/2026)

शांति की तलाश में… (10/06/2026)

अक्तूबर ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५२

                             शांति की तलाश में…

शांति की तलाश में
आनंद की तलाश में
ज़मीन पर और आकाश में
इक व्यक्ति करता रहा भ्रमण
लेकर अशांत मन
और बीतता रहा उसका जीवन।

तलाश रखते हुए जारी
भाग्य खिला कि आई उसकी बारी
गुरुजी की नज़र पड़ गई उसपर
बुला लिया उन्होंने उसे अपने दर।

अब तक जो व्यक्ति था बाहरी उपाय पर निर्भर
गुरुजी महाराज ने अपना हाथ रख दिया उसके सिर पर
उसे लगा कि नए सिरे से शुरू हुआ उसका सफ़र
गुरुजी की रहमत होने लगी उसपर।

स्पष्टता आने लगी उसके भीतर
उसे रास्ता आने लगा नज़र
गुरुजी की कृपा का हुआ ऐसा असर
कि वह उनका नाम ले चल पड़ा उस रास्ते पर।

गुरुजी ने थामा हुआ था उसका हाथ पूरे रास्ते
वे रास्ते के काँटे भी कम कर रहे थे उसके वास्ते
आए उसके रास्ते में कई पत्थर
उसका प्रारब्ध कटता गया जिनके द्वारा
हिम्मत ना हारी अब की बार उसने
उसे मिल गया था गुरुजी का जो सहारा।

गुरुजी के सिमरन में
उसे मिलते गए जवाब अपने सवालों के
वे उलझनें भी सुलझने लगीं
जो उसे उलझा रही थीं इतने सालों से।

सिमरन और सेवा का उसका चाव बढ़ता गया
गुरुजी ने सत्संगों में उसे बुलाया
गुरुजी की महिमा का गुणगान सुनते और सुनाते
उसे वह आनंद आया
जो ना आया था पहले कभी
और उसकी मुस्कान जो थी दबी
वो अब लौट कर आई उसके लबों पर
और शांति ने उसके भीतर कर लिया घर।

चलती रही उस व्यक्ति की ज़िंदगी
करते हुए गुरुजी की बन्दगी
छूट चुका था उसका भटकना दर दर
और गुरुजी की कृपा से वह गया तर।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शांति की तलाश में… (10/06/2026)

सुहेला वेला आया है (10/05/2026)

अक्तूबर ५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५१

                              सुहेला वेला आया है 

सुहेला वेला आया है
गुरुजी ने तुम्हें बुलाया है
उनकी ओर कदम बढ़ा लो
अपना तुम कल्याण करा लो।

तुम्हारे बिन बोले गुरुजी सब जानते हैं
भाग्यशाली हैं वे जन जो उनकी मानते हैं
तुम उन्हें मानने के साथ उनकी भी मान लो
उनका दर ना छोड़ोगे कभी, यह ठान लो।

गुरुजी परखते हैं भक्त की नीयत
करते चलो तुम उनकी इबादत
उनका दर है बड़ा दयालु
उनका हृदय बड़ा कृपालु।

रिश्ता तुम्हारा गुरुजी के संग
तुम्हारे जीवन में भर देगा वे रंग
जिनसे तुम्हारी नियति निखर जाएगी
तुम्हारी किस्मत सज-संवर जाएगी।

ये रूहानी रंग लायेगा अपने संग ऐसी ख़ुशबू
जिसकी महक से तर जाएगी तुम्हारी रूह
विरलों को मिलता है ऐसा अवसर
कि गुरु स्वयं बुलायें उन्हें अपने दर पर।

गुरुजी की इस कृपा को स्वीकारो आदर सत्कार के साथ
कुछ छिपाओ ना तुम उनसे क्यूँकि वे वैसे भी जानते हैं तुम्हारी हर बात
वे गुरु के रूप में हैं तुम्हारे मुर्शिद, मीत, प्रभु, और नाथ
तुम्हारे लिए सदा मंगलमय होगी उनकी दी हुई हर दात।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सुहेला वेला आया है (10/05/2026)

आपको पाने की इच्छा… (10/04/2026)

अक्तूबर ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५०

                              आपको पाने की इच्छा…

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

आपको पाने की इच्छा का
उत्साह बढ़ता रहे मेरे मन में
हर काम काज आपकी प्रसन्नता के लिए करती रहूँ मैं
इस तरह से जीयूँ जीवन में।

लगे आपको सही समा जब
ऐसा विवेक जगाइये मेरे भीतर तब
कि सभी में मुझे हो आपका साक्षात्कार
आपकी कृपा बिन ये ना हो पायेगा, मेरे सरकार।

साफ़ नहीं मेरे मन का दर्पण
प्रारब्ध के हैं दाग लगे
आप ही दे सकते हैं वह चेतना
कि सोया हुआ विवेक जगे।

बेबस हूँ, हूँ अनजान
लाचार हूँ, हूँ नादान
आपने बुलाया है जो अपने दर
करती हूँ आपका बेइंतहा शुकर।

अपनी कृपा से दीजिये वह ज्ञान
जिससे हो वह वैराग्य
जो जगाये वह विवेक
कि कम हों विकार अनेक।

विवेक इतना जाये जाग
कि भविष्य के सफ़र में
लगें पहले से कम दाग़
और व्यर्थ की अगर मगर में
बीते ना ये जीवन
ऐसे जी पाऊँ मैं हर क्षण
कि आपको कर सकूँ प्रसन्न।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

आपको पाने की इच्छा… (10/04/2026)

आलिंगन करो… (10/03/2026)

अक्तूबर ३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४९

                            आलिंगन करो…

आलिंगन करो गुरुजी के हर वचन का
आदर सत्कार करो उनके कमल चरण का
उनके पास उपाय है हर दुख के हरण का
वे उज्जवल करते हैं रास्ता भक्त के जीवन का।

थामे रहते हैं वे हाथ अंधकार में भी
प्रारब्ध के प्रहार में भी
उनकी वडियायी है अनोखी
उन्होंने कईओं की दुर्गति है रोकी।

लेकर सैंकड़ों को अपनी शरण में
गुरुजी देते हैं सहारा
जो बिल्कुल उम्मीद ही खो बैठे थे
उन्हें भी गुरुजी ने है तारा।

और अब जो गुरुजी का कहा हुआ माड़ा समय है आया
तो और भी शीतल हो गई है उनकी रहमत की छाया
अनगिनत प्राणियों को उन्होंने अपनी संगत है बनाया
संवारी है कितनों के जीवन की काया।

गुरुजी हैं रूप भगवानों के भगवान का
रूप लेकर आए सरल से इंसान का
सही वक़्त जान कर जब उन्होंने खोला अपना राज़
तब से हाज़िर नाज़िर होकर दिखा रहे हैं अपनी लीला के अंदाज़।

इसलिए हर संशय को छोड़ कर
हर बंधन को तोड़ कर
गुरुजी के बुलावे का करो आदर सत्कार
तुम्हें पुकार रहे हैं स्वयं परवरदिगार।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

आलिंगन करो… (10/03/2026)

आप यूँ समाये रहें मेरे मन में… (10/02/2026)

अक्तूबर २, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४८

आप यूँ समाये रहें मेरे मन में…

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

आप यूँ समाये रहें मेरे मन में
कि आपकी ही झांकी बसे मेरे कण कण में
आपकी याद मेरे संग रहे हर क्षण में
तो कुछ और ना चाहिए होगा जीवन में।

होती है खिन्नता अपने पर
जब कोई भी विचार आता है सिवाये आपके विचार के
और प्रपंच के बीच जीते जीते
जब माजरे सताते हैं घर परिवार के।

कोशिश तो रहती है निरंतर तब भी
कि आपके नाम या मंत्र से जुड़ी रहूँ
पर जो कुछ पलों का भी बिछोड़ा होता है आपकी याद से
तो बाद में कैसा लगता है, मैं कैसे कहूँ।

मेरी गति है आपसे
मेरी मती भी आपसे
आपकी दया से ही
मुक्त हो सकती हूँ दुख संताप से।

शुकराना आपका कि आपने मुझे अपनी शरण में लिया
शुक्राना कि आपने मेरे भीतर उज्ज्वल किया अपने नाम का दिया
मैं तो योग्य भी नहीं जिसके, आपने वो सुख भी मुझे दिया
मेरे उलझे हुए मन को सुलझनों का सहारा दिया।

खुशनसीब हूँ कि हूँ मैं आपकी शरण में
सदा रखियेगा मुझे अपने कमल चरण में
आपकी यादों से बना मंदिर सदा आबाद रहे मेरे मन में
आपकी दिव्यता से परिपूर्ण हो हर क्षण मेरे जीवन में।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

आप यूँ समाये रहें मेरे मन में… (10/02/2026)

थक थक कर… (10/01/2026)

अक्तूबर १, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४७

                        थक थक कर…

थक थक कर
भटक भटक कर
आया भक्त गुरुजी के दर
पाने परवरदिगार को।

लेकर गुरुजी के लिए मन में प्यार
करने लगा अपने प्यार का इज़हार
आँखों में आँसू आए बार बार
मुस्कुराहटें भी आयीं दो चार।

था भावनाओं का अजब सा मिश्रण
बीत गए इसी में कई क्षण
छुए उसने जो गुरुजी के कमल चरण
तो गुरुजी में यूँ विलीन हुआ उसका मन
कि सुध बुध ना रही कोई और
और गुरु कृपा से शुरू हुआ उसके जीवन में इक ऐसा दौर
कि होने लगा गुरुजी में ही मगन
लग गई गुरुजी से उसकी लगन।

सुबह शाम बस गुरुजी का ध्यान
सदा मन में गुरुजी का नाम
बढ़ता गया उसका गुरुजी के प्रति प्यार
संसार में रहते हुए छूटने लगा संसार।

गुरुजी की रहमत ने उसे यूँ छुआ
कि वह भक्त जीवनमुक्त हुआ
जीते जी मिला ऐसा आशीर्वाद
जो मिलता है ना जाने कितने जन्मों के बाद।

भक्त करता रहा गुरुजी से प्यार
गुरुजी की दया से हुआ उसका उद्धार
गुरुजी ले चलें सबको भवसागर के पार
गुरुजी से विनती है ये बारम्बार।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

थक थक कर… (10/01/2026)

पाठ शिव पुराण का (09/30/2026)

ितंबर ३०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४६

                             पाठ शिव पुराण का 

गुरुजी के आशीर्वाद से
उनके कृपा प्रसाद से
पाठ शिव पुराण का
रास्ता है कल्याण का।

ग्रंथ का करें पूर्ण आदर सत्कार
उसमें छवि बसती है गुरुजी करुणानिधान की
उसे पढ़ें और सुनें बार बार
उसमें बातें हैं इंसान, असुर, और भगवान की।

बेशक पढ़ो या सुनो ज़्यादा या एक ही अध्याय
ये है गुरुजी की मेहर से तर जाने का एक पावन उपाय
इस से भी कम का पाठ व्यर्थ नहीं जाएगा
ऊर्ध्वगति की ओर लेकर जायेगा।

ज़रूरी है श्रद्धा का भाव
ज़रूरी है भक्ति का चाव
पाठ में लगेगा जितना मन
होगा वह अच्छा
ना भी लगे मन
तो प्रयास हो फिर भी सच्चा।

गुरुजी तो नीयत परखते हैं
वे जानें हमारी भावना
जीवन के दो चार दिनों के पश्चात
करना है उन्ही का सामना
हम बेशक हों पुतले शर्मिंदगी के
गुरुजी तो सागर हैं बख़्शिंदगी के
हर पाठ में मान कर गुरुजी को विराजमान
पढ़ें और सुनें, कोशिश करें कि लगे ध्यान।

पढ़ेंगे सुनेंगे जितनी बार
ग्रंथ में बसे रूहानी राज़ खुलेंगे
शिव पुराण के पाठ से
हमारे पाप धुलेंगे।

गुरुजी की आज्ञा से पाठ हो शुरू
गुरुजी की आज्ञा से हो वह संपन्न
गुरुजी का शुक्राना करते हुए हर क्षण
गुरुजी की याद में हम रहें मगन।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

पाठ शिव पुराण का (09/30/2026)

ना ये बुद्धि है मेरी… (09/29/2026)

ितंबर २९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४५

                             ना ये बुद्धि है मेरी…

ना ये बुद्धि है मेरी
ना ही मेरा है ये मन
ना ये इंद्रियाँ या तन
गुरुजी, आई मैं आपकी शरण।

फिर क्यों मुझे ये लागें मेरे
माया के चक्कर मुझे हैं घेरे
सिखा दीजिये मुझे समर्पण करना
फिर मुझे कभी ना पड़ेगा डरना।

ना करूँ आपके हुक्म की अवहेलना
बेशक मुझे दुख पड़े झेलना
क्यूँकि आपका हुक्म मानकर पहुँचूँगी उस सनातन सुख तक
जिसे हर कोई ढूँढता है अथक।

सब कुछ सौंप दूँ आपको
हर सुख दुख, हर संताप को
अपने हर श्वास को
अपने विश्वास को
अपने प्रयास को
अपनी हर आस को
अपने अस्तित्व, अपने हर करम को
अपने जनम और मरण को।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ना ये बुद्धि है मेरी… (09/29/2026)

बीते कल के चिंतन में… (09/28/2026)

ितंबर २८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१४४

                          बीते कल के चिंतन में…

बीते कल के चिंतन में
वर्तमान को ना गँवाओ
गुरुजी का चिंतन करते चलो
और आगे बढ़ते जाओ।

परमार्थ में आ सकती है बाधा
अगर त्रुटि हो जाये व्यवहार में
इसलिए सतर्क रहकर जीना सीखो
अनेक रंगों के इस संसार में।

आत्म-अनुशासन और सरलता
विवेक और कोमलता
निवांपन और निर्मलता
ऐसा चरित्र ना हो केवल कुछ पल का।

बल्कि ये सारे गुण
अपने चरित्र में बुन
इनका सदा करना होगा सदुपयोग
बेशक भुगत रहे हो भोग।

ज़रूरी है सत्य से रिश्ता जोड़े रहना
ज़रूरी है मन को गुरुजी की ओर मोड़े रहना
वरना इस संसार के आकर्षण
बन कर विकर्षण
तुम्हें कहीं गुमराह ना कर दें
और भी अहंकार से ना भर दें।

इसलिए हर पल में संजो कर गुरुजी की याद
हर पल उनके नाम से करते रहो स्वयं को आबाद
ना तुम रहोगे और ना ही रहेगी कोई ताम झाम
रहेगा तो केवल गुरुजी का नाम।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बीते कल के चिंतन में… (09/28/2026)